Hindi vs English किस भाषा में Blogging करे?

Hindi vs English किस भाषा में Blogging करे?

आजकल बहुत ही ज्यादा Blogging को अपने करियर के लिए चुनते है और यह बहुत ही बढ़िया प्लेटफोर्म भी है. लेकिन सभी के दिमाग में सवाल आता रहता है की हम Blogging की शुरुआत कौन सी भाषा में करे? Hindi vs English यह बहुत ही सिरदर्द वाला सवाल है. यह सवाल इसी लिए सबके दिमाग में ज्यादा आता है क्योंकि हम सभी का मकसद Blog से ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना होता है. इसी लिए सवाल आता रहता है की Hindi में ज्यादा पैसा मिलेगा  English में?

यदि आपके मन में भी एसा कोई सवाल है Hindi vs English में कौन सा बेहतर है? किसमे ज्यादा CPC मिलता है या फिर किस से ज्यादा से ज्यादा पैसा कमा सकते है? में उम्मीद करता हु की यह आर्टिकल पढने के बाद आपकी सारी Confusion दूर हो जाएगी.

English Blog के फायदे (Blogging in English)

चलिए पहले जानते है English में ब्लॉग्गिंग करने से क्या फायदा होता है. यह बात तो हम सभी को पता है की USA, Canada, Australia, England जैसे बहार के देशों में CPC बहुत ही ज्यादा High होता है. इस बात को में आपको Example देकर समजाता हु.

  • मैंने यहाँ google में keyword research tool की मदद से “Affiliate Programme Amazon” सर्च किया तो इस keywords के लिए USA का CPC $6.24 है और Search Volume 18, 100 है. वहीं same keywords के लिए India में CPC सिर्फ Rs. 24.44 है और Search Volume 14, 800 है.
  • 2021 में Blog किस टॉपिक पर बनाए ?

इस Example से यह बात तो साबित हो गई की India में बहुत ही ज्यादा CPC मिलता है. अगर आप दूसरे देशों को टारगेट करके अपना आर्टिकल लिखोगे तो Definitely आपको बहुत ही ज्यादा पैसा मिलने वाला है.

इसके अलावा आप बहुत ही आसानी से Affiliate Marketing करके भी अच्छा खासा पैसा कमा सकते हो क्योंकि बहार के देशों लोग ज्यादा से ज्यादा Online Shopping करना पसंद करते है.

अगर आप English में Blog लिखते हो तो आपको बहुत सारे टॉपिक मिल जाएंगे जो वहा के लोग पढ़ना पसंद करते है पर आर्टिकल ना के बराबर होते है. वहीं India में लोग सभी तरह के आर्टिकल को पढ़ना पसंद नहीं करते है.

English में लिखने का सबसे बड़ा फायदा यह है की दुनिया के ज्यादातर देशों के लोग English को अच्छे से समाज पाते है जिसके कारण आपको बहुत ही ज्यादा readers मिल जायेगा.

English में Blogging करने का नुकसान

हमने English Blogging का फायदा तो देख लिया लेकिन English में Blogging करने का नुकसान भी है. सबसे पहले तो बात करे तो हमारे देश में करीब 5 से 7 साल से Blogging हो रहा है इसमें भी पिछले 3 सालों में Blogging का चलन ज्यादा शुरू हुआ. वहीँ बहार के देशों में 15 साल से भी ज्यादा सालों से Blogging की जा रही है. इसी वजह से Competition बहुत ही ज्यादा है.

दूसरा नुकसान यह है की एसा नहीं है की आप English में blog लिखोगे तो आपको ज्यादा CPC मिलेगा. एसा बिलकुल नहीं होगा क्यूंकि आपको ज्यादा CPC तब मिलेगा जब आपका ब्लॉग बहार के देशों में रैंक होगा और वहां से आपको Ads Click मिले. एसा करने के लिए आपको बहुत ही ज्यादा Struggle करना पड़ेगा.

English बोलने वाले देशों को Target करने के लिए आपको एक बहुत ही बढ़िया Fast Server चाहिएगा जो आपके पेज को बहार के देशों में जल्दी से Open कर सके.

सबसे ज्यादा दिक्कत वाली बात तो यह होगी की आपको उन देशों में अपने Followers पाने के लिए अच्छे से English आनी चाहिए जो वहां के लोग समज सके और उनको लगे की यह एक Professional Blogger है.

बहार के देशों को Target करने के लिए आपको अपनी Niche को सोच समझकर चुनना होगा और कम से कम 2 साल का वक्त देना पड़ेगा तब जाकर आप उस लेवल पर पहोंचोगे की आप अपने ब्लॉग से पैसा कम सको.

Hindi Blog के फायदे (Blogging in Hindi)

चलिए अब देखते है की Hindi ब्लॉग से क्या फायदा हो सकता है. Hindi में ब्लॉग लिखने का सबसे बड़ा फायदा यह है की आज भी Hindi ब्लॉग में बहुत ही कम Competition है. आज भी बहुत सारे एसे Topic है जिस पर कोई भी ब्लॉग नहीं है. एसे में आप बहुत ही आसानी से अपने ब्लॉग को रैंक करवा सकते हो.

एक सर्वे से पता चला की आज भी Internet पर सिर्फ 1 प्रतिसद ही आर्टिकल Hindi में मौजूद है. एसे में अगर आप आज से ही हिंदी में लिखना शुरू करेंगे तो आप जरुर सफल होगें.

Hindi में Blog बनाने का तीसरा फायदा यह है की आप बहुत ही आसानी से अपने विचार दूसरों के सामने रख सकते हो इसके लिए आपको Professional होने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी.

अगर आप सही तरीके से काम करते हो तो 3 से 6 महीने में आप अपने ब्लॉग से इतना पैसा तो कम ही लोगे की आपको job करने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

सबसे बड़ा फायदा Hindi ब्लॉग बनाने का यह है की अगर आपके पास SEO का अच्छा Knowledge नहीं है तो भी आप आसानी से अपने ब्लॉग को rank करवा सकते हो. यह बात में अपने Experience से अत रहा हु की जब मैंने 2 साल पहले मेरा www.thefactsfile.com ब्लॉग शुरू किया था तब मुझे कुछ भी पता नहीं था SEO के बारे में. बस में Regular पोस्ट डालता गया और पता ही नहीं चला की कब मेरा यह Blog रैंक हो गया.

अगर आपको blog को rank करवाना है तो आपको Backlinks की जरुरत पड़ती है पर Hindi ब्लॉग में बिना Backlinks भी Grow कर सकते हो.

Hindi में Blogging करने का नुकसान

Hindi vs English की comparison में Hindi ब्लॉग का नुकसान यही है की इसमें CPC कम मिलती है.

आजकल India में Education बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है, एसे में कई सारे पढ़े लिखे लोग English में ही पढना पसंद करते है.

तीसरा नुकसान यह है की भारत में Hindi बोलने और समझने वालों की संख्या करोड़ो में है लेकिन फिर भी बहुत सरे लोगो के पास आज भी Internet नहीं है जिसके कारण आपको कम पाठक मिलेगे.

Hindi में Blogging करने की सबसे बड़ी दिक्कत यह है की इसमें लिखने लिए आपको बहुत ही समस्या होती है और आपका समय भी ज्यादा लगता है.

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, हमने Hindi vs English दोनों के फायदे और नुकसान के बारे में बताया. दोनों के ही अपने- फायदे और नुकसान है. यदि आप सिर्फ पैसों पर ही focus करके ब्लॉग लिखोगे तो कभी आप आगे नहीं बढ़ पाओगे. सभी लोग पैसो के लिए ही ब्लॉग्गिंग करते है पर पैसा देखकर अपने Topic का चुनाव करने से बेहतर यही है की आप उस टॉपिक और Language पर लिखे जिसमे आपकी पक्कड है और आप लिखा Enjoy भी कर सको.

अगर मान लो की आपको English लिखना पसंद नहीं है या इंग्लिश आता नहीं है इसे में यदि आप इस Language में ब्लॉग लिखोगे तो आप कभी भी आगे नहीं बढोगे और आपका समय ही बर्बाद होगा.

इसी लिए में आपको सिर्फ यही कहुगा की Hindi vs English के चक्कर में ना पड़े ओत आपको जिसमे भी लिखना पसंद है उस Language को select करके Blog लिखना शुरू करो.

उम्मीद है आपको Blogging किस भाषा में करे? Hindi vs English आर्टिकल पसंद आया होगा. अगर आपके मन में इस आर्टिकल से जुड़े कोई भी सवाल है तो Comment करके जरुर बताना आपके सवालों के जवाब जरुर दिए जाएंगे.

Bhavesh Patel
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मेरा नाम है Bhavesh Patel. में इस ब्लॉग का संस्थापक हु. इस ब्लॉग पर आपको Internet और Blog से किस तरह से पैसा कमाया जा सकता है इसके बारे में Genuine जानकारी मिलेगी.

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